Use of Electric Vehicles

Hello everyone myself Kuldeep Kumar Singh.Today talk about e vehicles

आज के समय इंडिया में कितनी सारी गाड़ियां कितनी सारी पोलूशनचाहे नॉइस पोलूशन हो एयर पोलूशन हो गया या Odd Even का रूल हो, लेकिन इनके अलावा इतनी सारी प्रॉब्लम है जो कभी ना कभी सॉल्व करनी ही होगी।अगर हम बात करें e vehicles की तो इंडिया में इसका प्रोडक्शन बहुत कम है, और गिने-चुने कंपनियां e vehicles पर वर्क कर रही हैं और ऐसा नहीं कि इनका डिमांड मार्केट में नहीं है इनका भरपूर डिमांड है मार्केट में और इनके सेल्स भी काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।लेकिन इंडिया गवर्नमेंट का कहना है 2030 तक इंडिया में सभी तरह से जितनी भी गाड़ी है चाहे वो ट्रक है बस है बाइक है या कार हैं सभी को कंपलीटली इलेक्ट्रिक हो जाएंगे।लेकिन कंपनियों का दावा है कि अगले चार-पांच सालों में छोटे से लेकर बड़े vehicles पूरी तरह से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में कन्वर्ट कर देंगे।यह चीज कितनी बड़ी है और कितनी आसानी से इसे अचीव कर सकते हैं इस पर मेरा ओपिनियन क्या है।हालांकि इंडिया जो है पहला कंट्री नहीं है ऐसा अनाउंसमेंट करने वाला यहां से पहले नॉर्वे यह अनाउंसमेंट कर चुका है नॉर्वे ने यह कहा है कि यह काम 2025 तक हम करके दिखा देंगे। Currently Norway बहुत ही छोटा कंट्री है और वहां का पापुलेशन बहुत ही कम है लेकिन फिर भी वहां पर एक लाख से ज्यादा इलेक्ट्रिक व्हीकल ऑलरेडी हैं।नार्वे की एक रिसर्च यह भी कहती है कि इस साल के अंत तक या अगले साल के beginning तक Norway में e vehicles की सेल्स नॉर्मल vehicles से अधिक होने वाली है।इंडिया में ये सिनेरियो दूर-दूर तक आता नहीं है इसके अलावा जो गाड़ियां हैं इंडिया में कितनी सारी हैं चारों तरफ यहां पर इतनी बड़ी कंट्री में जहां 130 मिलियन से ज्यादा पॉपुलेशन है क्या यह चीज अचीव कर पाना पॉसिबल है।एक बार को मान लेते हैं कि पॉसिबल है लेकिन यहां पर फिर एक और सवाल निकल कर आ जाता है की पोलूशन कंट्रोल करने के लिए एयर पोलूशन noise pollution को कंट्रोल करने के लिए यह ड्राइव ले भी ली।तो हमें जरूरत पड़ेगी बहुत बहुत सारी इलेक्ट्रिसिटी की तो वह जो इलेक्ट्रिसिटी जनरेट कर रहे हैं अगर वह क्लीन सोर्सेज नहीं रही है तो क्या इस ड्राइव का वाकई कोई फायदा होगा।मतलब आप सड़कों पर धुआं उड़ाओ या अपने कोयले जलाकर बिजली पैदा की है तो दोनों में तो एक ही बात है।लेकिन यहां पर भी एक अच्छा इंप्रूवमेंट सामने आता है जहां पर करंट रिसर्च करती है इंडिया की 75% जो एनर्जी रिक्वायरमेंट है वह आती है कोयले से जो करंट स्टडी है लेकिन 2026 गवर्नमेंट का यह प्लान है जो कंप्लीट रिक्वायरमेंट पूरे देश की उसका 60 परसेंट जो हैवह आएगा रिन्यूएबल सोर्सेस यानी कि विंड एनर्जी सोलर एनर्जी एक्सेप्ट एक्स्ट्रा और इसके अलावा बाकी के 40 परसेंट हैं उसमें कोयला होगा कुछ हद तक और उसके अलावा न्यूक्लियर एनर्जी का सलूशन होगातो आप सुन तो बहुत ही कमाल का है अगर हम यह अचीव कर पाते हैं तो सेंस बनता है हां हम इलेक्ट्रिक vehicles को काम में लेंगे तो हम सभी का फायदा होगा अब फायदा है ऐसा नहीं कि हम केवल पर्यावरण को ही बचा रहे हैं यहां पर फायदा रनिंग कास्ट का भी हैमतलब आज की डेट में अगर कोई भी बाइक यूज करते हैं कोई भी कार्य यूज करते हैं तो आप खुद जानते हैं कि पेट्रोल-डीजल का कष्ट कितनी ज्यादा है ऐसे में आपको माइलेज क्या मिलता है वह सब हमें पता ही है लेकिन यहां पर इलेक्ट्रिक व्हीकल इस चीज को कंपलीटली चेंज कर देंगे।करंट ली इंडिया में आपको कई कंपनियां इलेक्ट्रिक कार कि मिल जाती हैं1 महिंद्रा की ekuv1002 हुंडई कोना इलेक्ट्रिक कार3 टाटा सिरारी ओ4 एमजी हेक्टरअगर हम इन सभी गाड़ियों की रनिंग कास्ट की बात करें तू वह करीब ₹1 के आसपास है किसी किसी के 70 पैसे अस्सी पैसे हैं 1 किलोमीटर के लिए इसका मतलब यह है कि आपको जाना है यहां से 100 किलोमीटर तो आपको करीब खर्च करना पड़ेगा ₹100 बिजली का चारज़।लेकिन यहां पर एक और सवाल आता है कि हम उनको चार्ज कैसे करेंगेठीक है मान लेते हैं घरों में चार्ज कर सकते हैं लेकिन सभी लोगों के पास घर में भी चार्ज करने का ऑप्शन नहीं है हाला की करंटली इंडिया में 10 शहरों में चार्जिंग सिस्टम मिल जाते हैं लेकिन वह अभी इतना बड़े स्केल पर अवेलेबल नहीं है कि सभी लोग यूज़ कर पाए और इसलिए जो एक्जिस्टिंग इलेक्ट्रिक कार हैं वह इतनी बिक नहीं पाती हैं।तो यहां पर हम ऑल टुगेदर एक ड्राइव के साथ आगे बढ़ते हैं तो हमें सबसे पहले सभी जगहों पर हाईवेज पर रिमोट से रिमोट एरिया में भी चार्जिंग सेक्शन प्रोवाइड करना पड़ेगा।क्योंकि कारस जो हैं हालांकि उनकी रेंज हम तो बढ़ाएंगे ही आगे चल के जैसे-जैसे हमारी रिसर्च होती जाएंगी। लेकिन इसके अलावा हमें यह शियोरेटी होनी चाहिए कि हमारी जो कार है हमें कहीं रास्ते में धोखा ना दे तू यह 1 पॉइंट बनता है और इसके अलावा 1 पॉइंट इलेक्ट्रिक एनर्जी का आता है लेकिन आपको लग रहा होगा इंडिया कैसे करेगा 60 परसेंट मतलब 2026 तक तो हम आपको बता दें कि दुनिया का जो सबसे बड़ा सोलर पार्क है वह सोलर पार्क है हमारे इंडिया में और यह कमोठी तमिलनाडु में जो दुनिया का सबसे बड़ा सोलर पार्क है तो हमारे पास पोटेंशियल बहुत ज्यादा है अगर हम बात करते हैं विंड एनर्जी की और सोलर एनर्जी की।

Advantages E vehicles

E Vehicle को हम यूज करते हैं तो हमारा एनवायरमेंट का जो एयर पोलूशन है काफी हद तक खत्म किया जा सकता है।E vehicles में किसी भी प्रकार की सर्विसिंग चार्ज नहीं लगती है।अगर हम बात करें इनकी रनिंग कास्ट की तो नॉर्मल vehicles से इनकी रनिंग कास्टिक काफी कम है।और भी इनकी बहुत सारी एडवांटेज हैं जैसा कि आप एक नॉर्मल vehicles लेते हैं तो उसमें आपको स्पेस कम मिलेंगे बट आपको इलेक्ट्रिक vehicles में स्पेस ज्यादा मिलेंगे।

Disadvantages

अगर हम इनकी डिसएडवांटेज की बात करें तो सबसे बड़ी डिसएडवांटेज है कि हम इन को चार्ज कैसे करेंगे। हालांकि कई शहरों में चार्जिंग प्वाइंट लग चुके हैं चार्ज करने के लिए मिनिमम समय लगेगा एक से डेढ़ घंटा लगेगा वह भी फास्ट चार्जिंग के साथ अगर हम इसे नॉर्मल चार्ज करते हैं तो 7 से 8 घंटा मैक्सिमम लग सकता है बट हमारा पेट्रोल इंजन है उसके साथ ऐसा नहीं है हम पेट्रोल स्टेशन पर जाते हैं maximum 4 se 5 minut mein पेट्रोल फील कर लेते हैं।अगर हम सबसे इंपॉर्टेंट पॉइंट के बारे में बात करें तो एक रिसर्च से यह पता चला है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की जो गाड़ियां हैं उनमें आग लगने की संभावना बहुत कम है पेट्रोल इंजन की गाड़ियों के मुताबिक।

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